PatnaInfo.com
image
जब प्रेमचंद ने महात्मा गांधी का भाषण सुनकर

असहयोग आंदोलन का ज़माना था, प्रेमचंद गंभीर रूप से बीमार थे. बेहद तंगी थी, बावजूद इसके गांधी जी के भाषण के प्रभाव में उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी छोड़ने का निर्णय लिया था.

प्रेमचंद ने निगम जी करघे की दुकान के बारे में लिखा है कि मैंने फिलहाल एक कपड़े का कारखाना खोल रखा है जिसमें करघे चल रहे हैं. कुछ चरखे वगैरह बनवाए भी जा रहे हैं. एक मैनेजर पचीस रुपये माहवार पर रख लिया है. गो उससे मुझे माहवार कुछ न कुछ नफा जरूर होगा लेकिन इतना नहीं कि मै उस पर तकिया कर सकूं.

Business
Rate Card Business
T&C Business
Category Links All
Publish Business
Contact Us
Verification Advice
Fixed Links for PatnaInfo.com
Website Access